होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर, अग्निवीरों को नियुक्ति में वेटेज, योगी कैबिनेट में 39 फैसले - Hindustan
होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर, अग्निवीरों को नियुक्ति में वेटेज, योगी कैबिनेट में 39 फैसले Hindustan
First reported 3 days ago · latest update 1 hour ago
यूपी की योगी कैबिनेट में शुक्रवार को नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने के साथ ही कुल 39 फैसलों पर मुहर लगा दी। इसमें होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर और अग्निवीरों को प्रदेश के चार विभागों में नियुक्ति में वेटेज देने का फैसला किया गया है। धान खरीद की तारीखों पर भी मुहर लगाने के साथ मक्का की एमएसपी घोषित कर दी गई है। जेवर का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने का ऐलान खुद सीएम योगी ने किया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने एक-एक कर अपने विभागों से संबंधित प्रस्तावों की जानकारी दी। पहली बार योगी कैबिनेट ने इतनी बड़ी संख्या में एक साथ प्रस्तावों को हरी झंडी दी है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने अग्निवीरों की भर्ती की थी। इनकी भर्ती के लिए नियमावली में संशोधन किया गया है। पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में अग्निवीरों की नियुक्ति की जाएगी। अग्निवीरों को उम्र में तीन साल की छूट दी जाएगी। अग्निवीरों को 25 की जगह 28 साल तक भर्ती का मौका मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें केवल मेडिकल कराना होगा। कहा कि वह पहले से ही लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा देकर अग्निवीर बने होते हैं, ऐसे में ये दोनों परीक्षा नहीं देनी होगी। इन्हें चारों विभाग में सिपाही भर्ती के लिए 20 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा।
खाद्य रसद विभाग मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि धान खरीद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक होगी। 65 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 62 लाख टन धान खरीद की गई थी। इस बार मक्का का खरीद मूल्य पिछले साल से दस रुपए ज्यादा 2410 रुपए होगा। इसके साथ ही बताया कि धान की खरीद के लिए बोरों की खरीद भी हो गई है।
मनोज पांडेय ने बताया कि होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई है। कहा कि एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सिलेंडर पर खाना बनाने से ग्रामीण इलाकों में आंखों की खराबी में करीब 60 प्रतिशत की कमी आई है। यह लकड़ी और धुंए की जगह सिलेंडर पर खाना बनाने से ही संभव हुआ है। इसके लिए 2142 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। कहा कि समय से लाभार्थियों को सिलेंडर पहुंचाया जाएगा।
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा ने बताया कि नगरीय परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्र में 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। परिवहन विभाग ने बस खरीद के लिए नीति बनाई है टेंडर में बसें एल वन आने वाले से 50 फीसदी बसे खरीदी जाएंगी। शेष बसें यूपी में बस निर्माण करने वाली कंपनी से खरीदी जाएगी।
लखनऊ में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनाया जाएगा। लखनऊ के वृंदावन विहार योजना में यह बनेगा। ओमेक्स लिमिटेड के साथ पीपीपी मॉडल पर बस टर्मिनल बनाया जाएगा। 265 करोड़ रुपए लागत आएगी। वाणिज्यिक क्षेत्र को 90 साल की लीज और बस टर्मिनल 30 साल की लीज पर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को मंजूरी। इसके लिए तीन कमेटियाँ बनेंगी।एपेक्स कमेटी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। एक मुख्य सचिव और दूसरी प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में होगी। एक आईएएस सरकारी अधिकारी सीईओ होगा। एसीईओ और अन्य पद भी स्वीकृत होंगे। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि सभी पचहत्तर जिलों में एआई केंद्र खोले जाएंगे और वहां एआई फेलों की तैनाती की जाएगी।
भदोही जिले का नाम बदलने पर मुहर लगा दी गई। जिले के नाम में अब संतरविदास का नाम भी होगा और भदोही भी होगा। जिले का पूरा नाम संत रविदास नगर भदोही होगा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी मिलेगी। 3.90 लाख को साड़ी की व्यवस्था होगी।जीएसटी की ब्याज माफी योजना को भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है।
इसके साथ ही आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों से बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों के इंटर्नशिप भत्ता में बढ़ोतरी की गई है। भत्ता दोगुना करते हुए 7500 से बढ़ाकर 15000 किया गया है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र (एसवीपीएसटीपीजेड) विकास योजना को मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ‘अल्टीमेट सोर्सिंग हब ऑफ स्किल्ड मैनपावर’ और ‘ग्लोबल मैनपावर हब’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों को आच्छादित करते हुए नौ जोन में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार का एकीकृत तंत्र विकसित किया जाएगा। इससे युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई उद्यम हैं, जो देश के कुल लगभग 6.77 करोड़ उद्यमों का 14.2 प्रतिशत हैं। प्रदेश के औद्योगिक उत्पादन में इस क्षेत्र का योगदान लगभग 60 प्रतिशत तथा निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत है। इस क्षेत्र में तीन करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं। उद्योगों की बढ़ती मांग के अनुरूप कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और युवाओं को व्यापक स्तर पर रोजगार से जोड़ने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदेश के सभी जनपदों को नौ जोन में विभाजित कर हब एवं स्पोक मॉडल पर कौशल विकास एवं रोजगार का एकीकृत तंत्र विकसित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों, बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके माध्यम से विभिन्न उद्योगों, बाजार क्षेत्रों एवं विभागों की मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं का आकलन कर रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाएगा।
क्विज़ खेलें | कॉइन जीतें | ज्यादा फ़ायदे पाएं
योजना के प्रथम चरण में पांच प्रमुख स्थानों पर कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा लखनऊ में, सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर कानपुर में, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा गोरखपुर में, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के संयुक्त सहयोग से गौतमबुद्ध नगर में तथा बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) द्वारा झांसी में एक-एक केंद्र स्थापित किया जाएगा।
जोन-1: गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद एवं हापुड़।
जोन-2: सहारनपुर मंडल तथा बुलंदशहर, बागपत एवं मेरठ।
जोन-3: मुरादाबाद एवं बरेली मंडल।
जोन-6: कानपुर एवं प्रयागराज मंडल।
जोन-7: चित्रकूट, विंध्याचल एवं झांसी मंडल।
जोन-8: वाराणसी एवं आजमगढ़ मंडल।
जोन-9: गोरखपुर, बस्ती एवं देवीपाटन मंडल।
प्रत्येक केंद्र की स्थापना के लिए 10 से 25 एकड़ तक की उपयुक्त एवं भारमुक्त भूमि की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रों तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए निकटवर्ती राजमार्ग या एक्सप्रेसवे से दो वर्ष के भीतर चार लेन की सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केंद्रों का विकास एवं संचालन सार्वजनिक-निजी सहभागिता आधारित डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन एवं हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल अथवा शासकीय संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
Citations · 3 reports from 3 outlets
Tap a citation to read it above, right here on T.A.M.
होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर, अग्निवीरों को नियुक्ति में वेटेज, योगी कैबिनेट में 39 फैसले - Hindustan
होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर, अग्निवीरों को नियुक्ति में वेटेज, योगी कैबिनेट में 39 फैसले Hindustan
3 days ago39 साल बाद ‘मिस्टर इंडिया’ वाले लुक में दिखे अनिल कपूर, बोले- चोर बाजार से खरीदी - ABP News
39 साल बाद ‘मिस्टर इंडिया’ वाले लुक में दिखे अनिल कपूर, बोले- चोर बाजार से खरीदी ABP News
2 days agoशमी के बाद अब उमेश यादव की हुंकार, 39 की उम्र में पांच विकेट लेकर सिलेक्टर्स के मुंह पर जड़ा करारा तमाचा - News18 Hindi
शमी के बाद अब उमेश यादव की हुंकार, 39 की उम्र में पांच विकेट लेकर सिलेक्टर्स के मुंह पर जड़ा करारा तमाचा News18 Hindi
1 hour ago