T.A.M · The Air Media
← Back to live feed
Weightage 88 3 outlets citing India IN

फर्जी IAS अधिकारियों के मामले में पुलिस की कार्रवाई

इंदौर और भोपाल में फर्जी IAS अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने के मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं। वहीं, एक अन्य घटना में यूपी की IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट चर्चा का विषय बनी है।

First reported 2 weeks ago · latest update 1 week ago
T.A.M verified this synthesis across 3 independent outlets. The headline and summary are written neutrally from all citations below.
India Today Hindi Authority 83

उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी और देवरिया की जिला मजिस्ट्रेट रहीं दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा दे दिया है, जिससे सिविल सर्विस में उनका 13 साल का कार्यकाल खत्म हो गया है. 2013 बैच की IAS अधिकारी मित्तल ने X पर एक पोस्ट में अपने फैसले की जानकारी दी. और पढ़ेंउन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, " आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है.साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था. दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी. पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था. अपने देश में न होना खलता था. मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज था मुझ पर. वो कर्ज चुकाना था. चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों. सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला.बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा. देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है. मिर्जापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है. और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है. सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था. इस जीवन का असली सुकून उन आंखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार जमीन का हक मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला. उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है.

Advertisement मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं. सच यह है कि सबसे ज्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज और भी बढ़ता गया. लोग मेरी खुशी में मुझसे ज्यादा खुश हुए. उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी. और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी. इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी. और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे.आज आभार से आंखें नम हैं. बस एक दृश्य इनमें बसा है. लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोली, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई. पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा. और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है.मित्तल ने कहा कि अपनी सर्विस के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है.यह भी पढ़ें: IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन से लौटकर UPSC की तैयारी, फिर 13 साल बाद इस्तीफा Advertisement मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल के पास IIT दिल्ली से BTech की डिग्री और IIM बैंगलोर से MBA की डिग्री है.

MBA के बाद लंदन में काम करने के बाद उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया.उन्होंने 2013 में अपने दूसरे प्रयास में सिविल सर्विस परीक्षा पास की, 68वीं रैंक हासिल की और IAS में शामिल हुईं. 2012 में अपने पहले प्रयास में, वह IPS के लिए चुनी गई थीं.उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के तौर पर पोस्टिंग से पहले मित्तल ने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया के जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया. मिर्जापुर की जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें तब काफी चर्चा मिली थी जब आज़ादी के 75 साल बाद हलिया ब्लॉक के एक दूर-दराज पहाड़ी गांव, लहुरियादह में पहली बार नल का पानी पहुंचाया गया था.देवरिया में उनके कार्यकाल को वहां के लोग जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं को लागू करने की उनकी कोशिशों और उनके कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए याद करते हैं.एक सीनियर अधिकारी ने PTI को बताया, "हमें अभी तक उनका इस्तीफा नहीं मिला है." उन्होंने कहा कि औपचारिक रूप से पत्र मिलने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशानाIAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसी अधिकारी का नाम लिए बिना 'X' पर एक लंबी पोस्ट साझा की. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अन्य अनैतिक या अवैध काम करने के लिए दबाव बनाया जाता है.अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, चंदा वसूली समेत कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ऐसे दबावों की वजह से अधिकारियों को इस्तीफा तक देना पड़ सकता है.हालांकि दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी राजनीतिक दबाव या सरकार से जुड़े कारण का उल्लेख नहीं किया है. वहीं, एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, औपचारिक रूप से इस्तीफे का पत्र मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी.---- समाप्त ---- ये भी देखें

↗ Read the original at India Today Hindi

Citations · 3 reports from 3 outlets

Tap a citation to read it above, right here on T.A.M.

83 India Today Hindi ★ most authoritative citation

'मैं मूर्ख थी जो सोचा था कि...', इस्तीफे के बाद यूपी की IAS दिव्या मित्तल का भावुक पोस्ट, लिखा- आज आंखें नम हैं - Aaj Tak News

'मैं मूर्ख थी जो सोचा था कि...', इस्तीफे के बाद यूपी की IAS दिव्या मित्तल का भावुक पोस्ट, लिखा- आज आंखें नम हैं Aaj Tak News

2 weeks ago
82 Amarujala

इंदौर में फर्जी IAS गिरफ्तार - Amar Ujala

इंदौर में फर्जी IAS गिरफ्तार Amar Ujala

1 week ago
79 News18 Hindi

फर्जी IAS तृप्ति राजपूत ने कैसे फैलाया मायाजाल? अब भोपाल पुलिस की रिमांड होंगे खुलासे - News18 Hindi

फर्जी IAS तृप्ति राजपूत ने कैसे फैलाया मायाजाल? अब भोपाल पुलिस की रिमांड होंगे खुलासे News18 Hindi

2 weeks ago

Discussion

Read it on the T.A.M app Weighted news · citations · ad-free
Get the app