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राहुल गांधी का चुनाव आयोग जाने का प्रयास और प्रदर्शन पर बहस

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से मिलने पर जोर देते हुए प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया है। इस बीच, दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और बच्चों की भागीदारी को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण सामने आए हैं।

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दिल्ली में 'सोशल इंटरनेट सिटीजन' (SIR) प्रतिक्रिया विवाद, और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा प्रधानमंत्री के खिलाफ दिल्ली के गुल पनाग, प्रधानमंत्री के विरोध करने वाले एक यूजर के लोकतंत्र के समर्थन में किए गए, समय ही एक यूजर के लोकतंत्र के समर्थन में की गई टिप्पणी, जानिए क्या है कि वह इस प्रधानमंत्री के चंगुल में है।

दिल्ली में 'सोशल इंटरनेट सिटीजन' (SIR) प्रतिक्रिया विवाद, और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा प्रधानमंत्री के खिलाफ जारी है। इस बीच लगातार दिल्ली पुलिस और तानिया जौनपुर पर प्रधानमंत्रीकारियों पर बरसे लोग रहे हैं। सोशल मीडिया के इस प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री में सुप्रिम कोर्ट के वकील की भूमिका अहम है। जेसे दिल्ली पुलिस बल की ज्यादती देख रही है। सड़कों पर हाल देख रहे ब्रतियुंत इंटरनेट गुल पनाग ने X पर प्रधानमंत्री के प्रतिक्रिया करने वाले एक यूजर के लोकतंत्र के समर्थन में की गई टिप्पणी का समर्थन किया है। उन्होंने साथ ही एक यूजर के लोकतंत्र के समर्थन में किए गए, जानिए क्या कि वह इस प्रधानमंत्री के चंगुल में है।

'द फैमली मैन' सीरीज और 'डेर' जैसी फिल्मों में नजर आए गुल पनाग ने इससे पहले ध्रुव राठी के अपमानजनक प्रधानमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के समर्थन किया था। अब जब CEC राजीव कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है, तो 47 साल के इंटरनेट ने सार्वजनिक प्रधानमंत्री के जवाब देने का औचित्य बताया है। वहीं नहीं, इंटरनेट के एक यूजर के कमेंट पर उन्होंने जवाब दिया, जानिए क्या कि वह 'बेशर्म के प्रतिक्रिया-प्रधानमंत्रीओं' के चंगुल में है।

गुल पनाग ने ट्विटर किया, क्या- ऐसा प्रधानमंत्री का क्या औचित्य है?

गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर साथ ही पहले एक महिला वकील के समर्थन में प्रतिक्रिया की, जिसे दिल्ली पुलिस बल में बैठने के लिए मजबूर कर रही है। इंटरनेट ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह इस प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री के समर्थन में है।

'लोगों के जवीय गुलसे से न मानना नहीं है'

साल 1999 में मिस इंडिया यूनिवर्स का ताज जीतने के बाद गुल पनाग ने अपने सगे समर्थन में बैठे राजनेताओं के पर निशाना साधा और कहा, 'ऐसा बात का बचाव करना, जिसे बचाव नहीं है या जो समर्थन, न तो मजेदारी की निशानी है और न ही लोगों के जवीय गुलसे से न मानना नहीं है। यह इस बात की निशानी है कि आप उन लोगों के चंगुल में रहे हैं जिसे प्रति आप समर्थन जवाबदेह हैं।'

गुल पनाग बोले- चुप रहने की अपेक्षा में एक रैक अपमानजनक है

इंटरनेट ने अपने ट्वीट किया, 'अब समय आ गया है कि यदि लोग तटस्थ बने हुए हैं या जो सोच-समझकर राजनैतिक नफा-नुकसान की हिसाब लगा रहे हैं, वे अपनी बात रखें। चुप रहने की अपेक्षा में एक रैक अपमानजनक है। मैं प्रधानमंत्री के औचित्य के दायरे से समर्थन करते हुए और इसके बचाव के लिए सरकारी तंत्र के चंगुल में हूँ।'

युजर ने कहा- हम प्रधानमंत्री के चंगुल में! गुल पनाग ने पन्नों में समर्थन किया

गुल पनाग के इस ट्वीट पर एक यूजर ने कमेंट किया और कहा, 'हम तटस्थ नहीं हैं। हम बेशर्म के प्रतिक्रिया-प्रधानमंत्रीओं के चंगुल में हैं...' इस पर इंटरनेट ने सरकारी तंत्र, लोकतंत्र के समर्थन में की गई टिप्पणी का समर्थन किया। कहा, 'जी, यह समर्थन है कि आप अपने प्रति प्रतिक्रिया के मुद्दे से सहमत न हों। यह दायरे से अपने आप अपमानजनक है। इसलिए अपने प्रति प्रतिक्रिया करने के अपने औचित्य अपने, मजे क्या सरकार के मजेदारी पर निर्भर नहीं करते। अब सब बात तो वही है। नागरिकों के अपने अपमानजनक औचित्य के इस सरकारी तंत्र करने के लिए समर्थन में जो अपने मजेदारी का जवाब नहीं हैं।'

गुल पनाग के पन्ना- प्रतिक्रिया के 'विपक्ष से प्रेरित' होने का औचित्य क्या है?

इंटरनेट ने शाम के इस बात अपने ट्वीट में उन लोगों पर निशाना साधा, जो इस प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री के 'विपक्ष से प्रेरित' होने का बचाव कर रहे हैं। गुल पनाग ने कहा, 'क्या, सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए 'विपक्ष से प्रेरित' होने का औचित्य क्या है? जाहिर है, प्रतिक्रिया हम कम्युनिस्ट नहीं रहे हैं। लोकतंत्र में प्रतिक्रिया का काम वही है - सरकार से सही सवाल करना, जवाबदेही तय करना और सरकार के चंगुल में बैठे लोगों के चंगुल में हूँ।'

संवैधानिक अवसर की बेटी है गुल पनाग, करती है समाज सेवा

चंडीगढ़ में पैदा हुई गुल पनाग एक संवैधानिक परिवार से हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एचएस पनाग सेना में थे। वह 'कर्नल शमशेर सिंह फाउंडेशन' चलाती हैं, जो एक NGO है और जेंडर इक्वेलिटी, शिक्षा या अपना पदस्थापन के साथ मजेदारी पर काम करती है। गुल पनाग मार्च 2014 में आम आदमी पार्टी (AAP) से सक्रिय हुई थीं। वह 2014 के आम चुनावों में चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार थीं। इसके 1,08,679 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रही, जबकि बीजेपी के किरण खेर ने 1,91,362 वोटों से चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने आम चुनावों के मजेदारी के राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बना ली और 2021 में आप से इस्तीफा दे दिया।

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